सेवा ही हमारा संकल्प है
यह मेरा दृढ़ विश्वास है कि चिकित्सा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ, जागरूक और सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। निर्बिम फाउंडेशन के माध्यम से हमारा संकल्प है कि हम समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक स्वास्थ्य जागरूकता, समय पर जांच, परामर्श और मानवीय सहयोग पहुँचाएँ। विशेष रूप से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता, समय पर निदान और सही मार्गदर्शन हमारे प्रयासों का मुख्य केंद्र है।
हमारा उद्देश्य लाभ नहीं, बल्कि सेवा है। हम चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति केवल जानकारी या संसाधनों के अभाव में अपने स्वास्थ्य से समझौता न करे। निर्बिम फाउंडेशन स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं सामाजिक जागरूकता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है।
मैं समाज के सभी जागरूक नागरिकों, चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों और सहयोगियों से अपील करता हूँ कि वे निर्बिम फाउंडेशन के इस सेवा अभियान से जुड़ें और एक स्वस्थ, संवेदनशील एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें.
“सेवा ही हमारा संकल्प है, और समाज ही हमारी प्राथमिकता।”
डॉ. नवनीत कुमार
सर्जन एवं कैंसर विशेषज्ञ
मैनेजिंग डायरेक्टर – निर्बिम फाउंडेशन
महिला सशक्तिकरण और शिक्षा
की ओर एक सार्थक कदम
महिला सशक्तिकरण और शिक्षा किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। एक चिकित्सक होने के नाते मैं यह भली-भांति समझती हूँ कि शिक्षा और स्वास्थ्य, दोनों मिलकर ही एक सशक्त महिला का निर्माण करते हैं।
आज भी अनेक बेटियाँ और महिलाएँ केवल अवसर के अभाव में पीछे रह जाती हैं। शिक्षा उन्हें आत्मविश्वास देती है, और स्वास्थ्य उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। निर्बिम फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को शिक्षा, कौशल और जागरूकता से जोड़ने का प्रयास समाज को सही दिशा देने वाला कदम है।
मैं समाज के सभी लोगों से आग्रह करती हूँ कि वे बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा दें, महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करें और इस सामाजिक अभियान से जुड़ें। साथ ही, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक महिला को शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और समान अवसर प्राप्त हों, ताकि वह अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सके।
“जब महिला आगे बढ़ती है, तब परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत होता है।”
डॉ. पूनम सिंह
MBBS, DNB (Eye)
नेत्र रोग विशेषज्ञ – डायरेक्टर, निर्बिम फाउंडेशन
स्वस्थ किडनी, स्वस्थ जीवन
किडनी और मूत्र संबंधी रोग आज तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन सही जानकारी, समय पर जाँच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इनसे काफी हद तक बचाव संभव है।
एक यूरोलॉजिस्ट के रूप में मेरा मानना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और लक्षणों को नजरअंदाज न करना अत्यंत आवश्यक है। छोटी-सी लापरवाही भी आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
निर्बिम फाउंडेशन के माध्यम से मैं समाज से अपील करता हूँ कि किडनी एवं मूत्र रोगों के प्रति जागरूक बनें, शर्म या डर के कारण उपचार में देरी न करें तथा स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता बनाएं।
साथ ही, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय परामर्श को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर हम अनेक गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।
“स्वस्थ किडनी, स्वस्थ जीवन — यही हमारा संकल्प है।”
डॉ. पदमाकर
MBBS (यूरोलॉजिस्ट)
एडिशनल डायरेक्टर – निर्बिम फाउंडेशन
स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र
की आधारशिला है
स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। निर्बिम फाउंडेशन का विश्वास है कि स्वास्थ्य, जागरूकता और संवेदनशीलता — ये तीनों मिलकर समाज को मजबूत बनाते हैं।
एक चिकित्सक के रूप में मेरा मानना है कि बीमारी का उपचार जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है समय पर जागरूकता, रोकथाम और सही मार्गदर्शन। यदि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, तो अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
निर्बिम फाउंडेशन स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक सहयोग के माध्यम से लोगों तक आवश्यक जानकारी और सहायता पहुँचाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का स्वस्थ और सुरक्षित जीवन हमारा साझा उद्देश्य होना चाहिए।
आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं करेंगे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएँगे और सेवा को अपना सामाजिक दायित्व समझेंगे।
“जागरूकता, संवेदनशीलता और सेवा ही स्वस्थ समाज की पहचान है।”
डॉ. सारिका कुमारी
एनेस्थीसियोलॉजिस्ट
सलाहकार – निर्बिम फाउंडेशन